फिर संस्कारों की फसल उगाने की तैयारी
उन्नाव। अब तक व्यक्तित्व निर्माण करने वाले शिक्षक ने एकबार फिर संस्कारों की फसल उगाने की तैयारी की है। इस बार वह अपने विद्यालय से बहुत दूर हैं। लेकिन उनके शिष्य गुरू के सानिध्य के लिए न्यूयार्क, लंदन समेत दुनिया भर से आकर गांव की धूल फांककर आनंदित हैं। कानपुर और लखनऊ के ठीक बीच उन्नाव के अजगैन से उनके गांव सरौहां तक पहुंचने के लिए पगडंडियों का ही रास्ता है। रास्ता इतना खराब है कि यहां आजादी के बाद से स्थानीय अधिकारियों ने भी आने की जहमत नहीं उठाई है लेकिन यहां पर 70 वर्ष का एक युवा नए सृजन में जुटा है। अब तक अगिनत छात्रों को आईआईटी से लेकर एमआईटी- मेसाच्यूएट़स इंस्टीट़यूट आफ टेक्नोलॉजी का रास्ता दिखाने वाले पंडित दीन दयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय कानपुर के प्राचार्य श्री ओम शंकर त्रिपाठी जी सेवानिवृत्त होने के बाद माटी की सेवा के लिए अपने इसी गांव में हैं। वह गांव के बच्चों को अपनी ही पाठशाला में संस्कारों की शिक्षा दे रहे हैं तो दुनिया भर में फैले अपने छात्रों को भी देशभक्ति का पाठ इसी गांव से पढा रहे हैं। युवादस्तक जब आचार्य जी के पहुंचा तो नई ऊर्जा का संचार मिला और उम्मीद की किरण भी दिखी। प्रस्तुत है ऐसी ही जीवन शैली की झलक जो नए सिरे गांव और मिटटी को संवारने में जुटी है।
अविश्वास के दलदल से निकालने का रास्ता
यूं तो सरकारी नौकरी किसी का भी ख्वाब होती है लेकिन आचार्य जी आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के लिए स्वरोजगार का मंत्र देते हैं। सरकारी पद पर कार्यरत उनके छात्र अनुराग यहां पर बछिया को चारा खिलाते नजर आते हैं तो गांव के बच्चे राजू और अम्बुज समेत अन्य शाम को आंवले के बाग में नैतिक शिक्षा का पाठ पढते नजर आते हैं। आईआईटी और एमआईटी से निकलकर पूणे में मल्टीनेशनल कंपनी स्थापित करने वाले प्रवीण भागवत हों या फिर अन्य, आचार्य के आत्मविश्वास के मंत्र ने ही विद्यार्थियों को सफलता की सोपान तक पहुंचाया है। आचार्य जी कहना है कि युवाओं की सबसे बडी समस्या अविश्वास है। आगे बढने की चाह ने मनोबल को कमजोर कर दिया है। दूसरो के साथ ही खुद पर उपजे अविश्वास ने देश को नौकरों की फौज बना दिया है। युवाओं में आग है लेकिन सूखी लकड़ी की कमी है। इसी लकडी का एकत्र करने के लिए गांव खलिहानों को फिर से संस्कारों से संवारना होगा। बच्चों को पान मसाले या तम्बाकू के पाउच से बचाकर परिवार और समूह का पाठ पढाना होगा। नैतिक शिक्षा ही हमारे मानव संसाधन को संजो सकती है।
विद्यालय बचाएं, माध्यमिक शिक्षा पर दे ध्यान
संस्कार विहीनों की फसल इसीलिए तैयार हो रही है क्योंकि बडे-बडे विद्यालयों से भी शिक्षा गायब हो गई है। आडम्बर बढ रहा है। गांव में पाठशालाएं हैं, शहरों में हाईटेक स्कूल हैं लेकिन शिक्षकों की जगह टीचर और नौकरी पेशा करने वालों ने जगह ले ली है। कालेजों की भरमार के बावजूद योग्य शिक्षकों की कमी गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में नए विद्यालय स्थापित करने की जगह उपलब्ध विद्यालय में ही संस्कारों और अनुशासन की अनौपचारिक कक्षाएं हों। कम से कम एक घंटे की कक्षा ऐसी हो जो आपसी विमर्श और सामूहिक बहस पर आधारित हो, देशाटन और भ्रमण जरूरी है।
शिक्षकों का विकास जरूरी
सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों का हाल किसी से छिपा नहीं है। निजी कालेजों के शिक्षक भी निजी सचिव ही बनकर रह गए हैं। शिक्षक एक स्वाभाव है जिसको बचपन से ही विकसित करने की जरूरत है। डाक्टर और इंजीनियर की तरह ही शिक्षक भी बचपन से तैयार किए जाएं। इसके लिए शुरूआती कक्षाओं में ही मेधा को पहचान कर काउंसलिंग वह अन्य तरीके से विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाए। मौजूदा शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य हो, टीचर्स रूम की जगह शिक्षकों के लिए व्यक्तिगत केबिन हों, जहां पर अवकाश में भी पढने जा सके। ग्रामोदय विद्यालय में इस तरह के कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं।
सफलता के सूत्र
स्वाध्याय – नियमित पढने की आदत
स्वावलम्बन – प्रतिभा को निखारने के प्रयास
जागरूकता – जीवन के विभिन्न पहलूओं पर सामन्जस्य
ममत्व – दूसरे के साथ जुडने की कला, प्रोत्साहन
समाजिकता – अविश्वास छोडकर समाज के विकास में भूमिका
देशभक्ति – प्रेम का चरम, देशाटन, परिचर्चा, इतिहास पर गौरव का भाव
गांव और मिटटी ही बचा सकता है देश
पिछले दस वर्षों में विकास की रफ़तार जितनी तेज हुई है ठीक उतनी ही तेजी से समाज में गिरावट भी दर्ज की गई है। आनर किलिंग, घरेलू हिंसा, महिलाओं पर अत्याचार के सनसनीखेज तरीके सामने आए हैं। रक्तचाप, मधुमेय और घुटनों की बीमारियों ने शहरी युवा को भी अपनी चपेट में ले लिया है। ऐसे में हमें विचार करना होगा कि क्या चाहिए।
धन के साथ व्याधियां या फिर वैभवशाली जीवन। अगर हमें आगे बढना है तो गांव और मिटटी से जुडना होगा। सार्थक और नियमित श्रम करना होगा। नियमित व्यायाम, ध्यान और बौद्विक प्रखरता लानी होगी। खेलों के लिए समय निकालना होगा। लेखन की आदत डालनी होगी। अगर जो काम कर रहे हैं, उसमें आप डूब गए तो समझ लिए सफलता आपके साथ है। यह दृष्टिकोण रखकर अगले पांच सालों में ही सबकुछ बदला जा सकता है।
39 Comments
Trackbacks for this post
-
… [Trackback]…
[...] Informations on that Topic: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Informations on that Topic: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Informations on that Topic: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Informations on that Topic: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Find More Informations here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More Infos here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Find More Informations here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] There you will find 93755 more Infos: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Informations on that Topic: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More Infos here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More Infos here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Informations on that Topic: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] There you will find 89734 more Infos: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Find More Informations here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Infos to that Topic: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Here you can find 92010 additional Informations: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Find More on: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Infos to that Topic: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Find More Informations here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More Infos here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] There you will find 32731 more Infos: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Find More Informations here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Informations on that Topic: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More Infos here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Read More here: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] Informations on that Topic: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…
-
… [Trackback]…
[...] There you will find 85472 more Infos: yuvadastak.com/new/?p=771 [...]…


pracharya ji naya samaj banaenge
we are ready to work in village
hamare real hero aur roll model hai pracharya ji