अन्ना का कुनबा भ्रष्टाचार के आरोपों में
नई दिल्ली। सोचिए आप समाज सेवा से जुड़े हैं राष्ट्र निर्माण की हुंकार भरते हैं लेकिन मौके पर वोट भी नहीं डालते हैं। मीडिया का माई बाप समझने वाले लौट कर आते हैं तो पता चलता है कि वोट उनका है ही नहीं। समाज बदलने वालों का यही है असली चेहरा। कोई प्लेन की टिकट में घपला करता है तो कोई केवल मुस्लिम होने के कारण टीम से आउट हो जाता है। क्या टीम अन्ना भ्रष्टाचार में लिप्त है और अन्ना को टीम ने हाईजैक कर लिया है। यह सवाल है। जिसका जवाब न तो अरविंद केजरीवाल के पास है और न ही टीम अन्ना के अन्य सदस्यों के पास है। किरण बेदी पहली बार बेचैन है जब उनकी चिट्ठी अंग्रेजी दैनिक में छप गई है। अब किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल ने मानहानि का दावा किया है लेकिन क्यों। ध्यान रहे पहली बार किसी ने उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। यह वही आरोप है जिसको लेकर केजरीवाल संसद को गाली देतेरहे हैं। और खुद को पान सिंह तोमर से तुलना कर चुके हैं। दोषी कौन है, भ्रष्टाचारी कौन इसका फैसला तो भारतीय संविधान ही करेगा लेकिन इस बार टीम अन्ना पर लगे आरोप आम आदमी की भावना के साथ खिलवाड़ है। फोन टेपिंग को लेकर टीम अन्ना के सदस्यों ने एक विशुद्ध मुस्लिम प्रतिनधि को निकालकर टीवी एंकर रही महिला को मुस्लिम चेहरा बना दिया।
यह दुखद है कि लोकतंत्र औैर भ्रष्टाचार की बात करने वाली टीम अन्ना ही अाज सवालों के घेरे में हैं। गाली दर गाली देकर केजरीवाल खुद सवालों के घेरे में हैं। तो चंद रुपयों का लाभ उठाकर हवाई यात्रा की आरोपी किरण बेदी अपने अस्तित्व के लिए अखबार को ही नोटिस देने में जुट गई हैं। सवाल यह है कि भ्रष्टाचार क्या है। और इसके परिभाषा बताने वाले किस स्तर हैं। अन्ना औैर देश के पास अब भी समय है, दलालों से सावधान वरना सबको गाली बकने वाले एक दिन देश को भी ठेंगा दिखा देंगे।

