एमएमईसी बोर्ड ने दी डीम्‍ड यूनिवर्सिटी को हरी झंडी

गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कालेज, गोरखपुर आने वाले दिनों में डीम्‍ड यूनिवर्सिटी बन सकता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजे प्रस्‍ताव पर मंगलवार को एमएमईसी बोर्ड आफ गवर्नेंस ने मंजूरी दे दी। चेयरमैन प्रोफेसर एच के सहगल की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया। इसके साथ ही इंजीनियरिंग कालेज में योग्‍य शिक्षकों की कमी को देखते हुए 70 वर्ष की आयु वर्ग के प्रोफेसर पर वार्षिक आधार पर शैक्षिक कार्य के अनुबंध का प्रस्‍ताव भी पारित किया गया।

एमएमईसी के प्रिंसिपल प्रोफेसर जेपी सैनी ने उक्‍त जानकारी देते हुए बताया कि कालेज को डीम्‍ड यूनिवर्सिटी बनाने की प्रक्रिया को पहली बार बोर्ड में रखा गया और सर्वसम्‍मति से पास भी कर दिया गया। एमएचआरडी के जरिए विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग को यह प्रस्‍ताव पहले ही भेजा जा चुका है। इसके साथ ही शैक्षिक कार्य की आयु सीमा को 62 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष करने की भी पहल बोर्ड ने की है। बोर्ड चेयरमैन ने इसके साथ ही कालेज के एल्‍यूमिनी भवन, एमबीए भवन समेत कई लोकार्पण किए। बैठक में कुल 32 एजेंडा पर बीओजी ने मुहर लगाई। इस मौके पर गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कृपा शंकर, उत्‍तराखंड प्राविधिक विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डीएस चौहान, सागर विवि के कुलपति प्रोफेसर एनएस गजभईेए और उत्‍तराखंड मुक्‍त विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक, विशेष सचिव राम गणेश और रजिस्‍ट्रार राधेश्‍याम मौजूद थे।

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