प्रोफेसर का कमाल, एमटेक को कराई बायोटेक से पीएचडी
कानपुर। अपने देश में शोध किस तरह से होते हैं, इसका नजारा छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में देखा जा सकता है। यूपी के राज्यपाल बीएल जोशी के पास यहां पर चल रही शोध गतिविधियों में फर्जीवाड़े की लगातार शिकायतें जा रही हैं। खुद यूनिवर्सिटी कैंपस के ही सीनियरों प्रोफेसरों पर पीएचडी की जगह फर्जीवाड़ा कराने का आरोप है। पूरे मामले में कुलपति से लेकर राजभवन तक कई बार जांच प्रक्रिया भी शुरू हुई लेकिन हर बार मामला टांय- टांय फिस्स हो जाता है। राजभवन ने पूरे मामले में नए सिरे से विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया है।
विश्वविद्यालय के जीवन विज्ञान के प्रोफेसर पर नियमों की अनदेखी कर छात्र- छात्राओं को पीएचडी कराने का आरोप है। एमटेक के छात्र को एंटीमाइक्रोबायोलाजिकल एफेक्ट आफ सम इंडियन स्पाइसिस विषय पर शोध के लिए अधिकृत किया गया है। आरोप है कि एमटेक छात्र को नियमानुसार लाइफ साइंस से पीएचडी कराना शोध का मखौल उड़ाना है। खासतौर पर इंजीनियरिंग के छात्र को बायोटेक्नोलॉजी से शोध कराना हैरानी भरा है। इसी प्रकार अन्य छात्र- छात्राओं को फर्जी तरीके से शोध कराने के आरोप की जांच राजभवन ने विश्वविद्यालय को सौंपी है। हालांकि विश्वविद्यालय मामले की गंभीरता का पता लगा रहा है जिससे सटीक कदम उठाया जाए।

