Weekend Life : सुपरलाइट एयरक्राफ्ट करेगा दुश्‍मन को पस्‍त

आईआईटी कानपुर के प्रोजेक्‍ट को इसरो ने मंजूरी दी

कानपुर। हथियारों की कमी को लेकर आजकल देश की सुरक्षा व्‍यवस्‍था पर सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन वैज्ञानिक अत्‍याधुनिक तकनीक की खोज तक भविष्‍य के प्रति आश्‍वास्‍त कर रहे हैं। अब हल्के और हाईवोल्‍टेज एयरक्राफ्ट के लिए भारत को अमेरिका या फिर रूस की ओर देखने की जरूरत नहीं है। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने सुपरलाइट एयरक्राफ्ट बनाने की तकनीक इजाद की है। इस तकनीक से मौजूदा एयरक्राफ्ट का भार आधा और गुणवत्‍ता दोगुनी हो जाएगी जबकि ईंधन की बचत भी राष्‍ट्रीय हितों को सुरक्षित करेगी। इंडियन स्‍पेस रिसर्च सेंटर इसरो के प्रोजेक्‍ट इंचार्ज ने हाल ही तकनीक की जांच कर हरी झंडी दे दी है। जल्‍द ही नई प्रणाली से काम्‍बेट और कारगो एयरक्रफ्ट तैयार किए जाएंगे।

मेटेरियल साइंस इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर के मुताबिक एल्‍यूमिनियम का भार मैग्‍नीशियम से काफी कम होता है। इसी तकनीक को एयरक्राफ्ट में भी इस्‍तेमाल किया गया है। इससे डिमांड के मुताबिक कामर्शियल और सैनिक विमान बनाने जा सकते हैं।

काम्‍बेट एयरक्राफ्ट

उड़ान को सेना का खुफिया हथियार

छोटे फाइटर विमान की तरह इस्‍तेमाल

जमीनी हमले के लिए बेहद कारगर

एफ 111 आर्ड वार्क फाइटर एयरक्राफ्ट

10 थंडर बोल्‍ड जमीनी हमले में उपयोगी

नान काम्‍बेट एयरक्राफ्ट

हल्‍के ट्रांसपोर्ट के लिए कारगर

कारगो वैन की तरह इस्‍तेमाल

आसानी से लैंडिंग हो सकती है

सी 47 स्‍काई ट्रेन चर्चित उदाहरण

 

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