रामलाल! काठमांडु चलबे का रे?
लेखक – डाक्टर पवन मिश्र काहे सामलाल? अरे उहाँ इज्जत दी जायेगी सम्मान होगा. नाही रे! हमका लपूझन्ना समझे हौ का? हम एतना पईसा खरच करके इज्जत नाही लेबे. अरे धुत बुडबक अबकी पईसा ना देवे के पडी. काहे रे अबकी पईसवा कहा से आवा? चोप्प! एक त ससुरे के इज्जत देई जात है दूसरे [...]

